F19 Poem.

First of  all I thanks my Dedeee Roms, For bringing up the hindi poem and make me write something. ना यु अल्फ़ाज़ के पेच होते, ना इश्क का लतीफा, कुछ बयान कर सकते, हम दिल-ए- फरमान । चंद अल्फाज़ो का कारवां आया, श्याही उठाई, किताब छप गई। नशा ये इल्म, ज़िन्दगी का हुआ है, इश्क़ के … Continue reading F19 Poem.